🚨 बड़ी खबर: भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पहुंचे खाटूधाम, बाबा श्याम के दर्शन के बाद मंदिर समिति ने किया विशेष सम्मान

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अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान व मंत्री मानवेन्द्र सिंह चौहान ने कराई पूजा, मंदिर व्यवस्थाओं की भी दी जानकारी खाटूश्यामजी। भारत सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता शनिवार को विश्व प्रसिद्ध श्री खाटूश्यामजी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा श्याम के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना कर शीश नवाया तथा देश में सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की। दर्शन के दौरान श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान एवं मंत्री मानवेन्द्र सिंह चौहान ने तुषार मेहता से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना करवाई। इसके बाद मंत्री मानवेन्द्र सिंह चौहान ने उन्हें मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं के लिए किए जा रहे प्रबंधों तथा मंदिर के संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराया। दर्शन के उपरांत तुषार मेहता मंदिर समिति कार्यालय पहुंचे, जहां समिति की ओर से उन्हें श्याम दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। साथ ही चांदी का निशान एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेखा गुप्ता, रींगस एसडीएम बृजेश गुप्ता, तहसीलदार सुरेंद्र कुमावत, खाटूश्यामजी डिप्टी राजेश ज...

November-December 2026 Vivah Muhurat: चार महीने तक नहीं होंगे शुभ कार्य, जानें नवंबर-दिसंबर में कब हैं विवाह मुहूर्त

 

चार महीने तक नहीं बजेंगी शहनाइयां, 11 जुलाई आखिरी विवाह मुहूर्त; जानें नवंबर-दिसंबर में कब हैं शुभ तिथियां



खाटूश्यामजी। विवाह का इंतजार कर रहे लाखों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। इस विवाह सीजन की अंतिम शहनाई 11 जुलाई को बजेगी। इसके बाद करीब चार महीने तक विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। चातुर्मास, गुरु एवं शुक्र तारा अस्त, श्राद्ध पक्ष और खरमास जैसे धार्मिक एवं ज्योतिषीय कारणों के चलते विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और देव प्रतिष्ठा जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे।

हालांकि इस दौरान 22 जुलाई को भड़ली नवमी का अबूझ मुहूर्त रहेगा, जिसमें बिना पंचांग देखे परंपरागत रूप से विवाह संपन्न कराए जा सकते हैं।

इन कारणों से चार महीने तक नहीं होंगे शुभ कार्य

गुरु तारा अस्त

16 जुलाई को गुरु तारा पश्चिम दिशा में अस्त होगा और 9 अगस्त को पूर्व दिशा में उदय होगा। परंपरा के अनुसार गुरु तारे के अस्त होने से तीन दिन पहले तथा उदय होने के तीन दिन बाद तक सभी मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

हरिशयन (देवशयन) काल

25 जुलाई को देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाएंगे। यह अवधि 20 नवंबर तक रहेगी। इस दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में विवाह मुहूर्त नहीं होते।

श्राद्ध पक्ष

26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक महालय श्राद्ध पक्ष रहेगा। पितरों को समर्पित इस अवधि में विवाह सहित सभी मांगलिक कार्यों की मनाही रहती है।

शुक्र तारा अस्त

14 अक्टूबर को शुक्र तारा अस्त होगा और 28 अक्टूबर को उदय होगा। शुक्र के अस्त होने से तीन दिन पहले और उदय होने के तीन दिन बाद तक भी विवाह नहीं किए जाते।

खरमास

खरमास के दौरान भी सनातन परंपरा में विवाह और अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।

नवंबर में फिर गूंजेंगी शहनाइयां

पं. योगेश शर्मा (धरड़) ने बताया कि पंचांग के अनुसार 11 जुलाई इस सीजन का अंतिम विवाह मुहूर्त है। इसके बाद चातुर्मास सहित विभिन्न धार्मिक और ज्योतिषीय कारणों से विवाह नहीं होंगे। अब शुभ विवाह मुहूर्त सीधे नवंबर के उत्तरार्ध से प्रारंभ होंगे।

नवंबर 2026 के विवाह मुहूर्त

  • 21 नवंबर
  • 24 नवंबर
  • 25 नवंबर
  • 26 नवंबर

दिसंबर 2026 के विवाह मुहूर्त

  • 2 दिसंबर
  • 3 दिसंबर
  • 11 दिसंबर
  • 12 दिसंबर

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विवाह जैसे शुभ संस्कार शुभ मुहूर्त में संपन्न करने से दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है। इसलिए अधिकांश परिवार इन निर्धारित तिथियों का ही इंतजार करते हैं।

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