KhatuShyamJi Real Estate Boom: रेलवे स्टेशन से बदलेगी खाटूश्यामजी की तस्वीर, जमीनों के दाम और कारोबार में आ सकता है बड़ा उछाल
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पुलिस के अनुसार विष्णु के खिलाफ भरतपुर शहर के विभिन्न थानों में बाइक चोरी के तीन मामले दर्ज थे। इन्हीं मामलों में गिरफ्तारी के बाद वह वर्ष 2023 में सेवर जेल पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात कृपाल गैंग के सदस्यों से हुई। यहीं से उसके अपराध का स्वरूप बदल गया। बताया जाता है कि गैंग ने उसकी जमानत करवाई और अपने साथ रखकर उसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल कर लिया।
जांच के अनुसार जुलाई 2023 में गैंग ने विष्णु को गैंगस्टर कुलदीप जघीना की गतिविधियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी। वह रोडवेज बस में यात्री बनकर बैठा और लगातार गैंग के अन्य सदस्यों को लोकेशन देता रहा। आमोली टोल प्लाजा के पास गैंग के सदस्यों ने बस को घेर लिया। आरोप है कि विष्णु ने सबसे पहले कुलदीप जघीना पर गोली चलाई, जिसके बाद अन्य शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कुछ समय पहले विष्णु पर एक सरपंच पद के दावेदार को फोन पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगा था। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने कार्रवाई भी की थी।
कुलदीप जघीना हत्याकांड में जेल में बंद विष्णु पर अब अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या का आरोप है। जेल प्रशासन की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या पहले से सुनियोजित थी या जेल के भीतर हुए किसी विवाद के बाद वारदात को अंजाम दिया गया। जेल प्रशासन से भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
जगन गुर्जर के बेटे आसाराम ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए CBI जांच की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि उनके पिता को धौलपुर जेल से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल स्थानांतरित करने के बाद उनकी बैरक बदल दी गई थी, जिसके बाद यह घटना हुई। परिजनों ने जेल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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