KhatuShyamJi Real Estate Boom: रेलवे स्टेशन से बदलेगी खाटूश्यामजी की तस्वीर, जमीनों के दाम और कारोबार में आ सकता है बड़ा उछाल
Ad
जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. एन.एल. डिसानिया के संदिग्ध परिस्थितियों में हुए निधन ने चिकित्सा जगत को स्तब्ध कर दिया है। मंगलवार तक सामान्य रूप से विभागीय कार्य करने वाले डॉ. डिसानिया के निधन की खबर बुधवार सुबह सामने आई, जिसके बाद पूरे अस्पताल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई।
![]() |
| डॉ. एन. एल. डिसानीय |
जानकारी के अनुसार डॉ. डिसानिया ने मंगलवार को विभाग का प्रभार वरिष्ठ प्रोफेसर को सौंपते हुए बुधवार को अवकाश पर रहने की बात कही थी। बुधवार सुबह उनके एक परिचित ने उन्हें बैडमिंटन खेलने के लिए फोन किया, जिस पर उन्होंने कहा कि बेटी को एयरपोर्ट छोड़ने जाना है, इसलिए वे खेलने नहीं आ पाएंगे। कुछ ही समय बाद उनके निधन की सूचना मिलने से उनके सहयोगी और मित्र स्तब्ध रह गए। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह उनकी बेटी बेंगलुरु के लिए रवाना हुई थी। घर से निकलते समय डॉ. डिसानिया ने उसे विदा भी किया था। बाद में घर में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें झोटवाड़ा स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पार्थिव शरीर को एसएमएस अस्पताल लाया गया, जहां नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया। इस मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान डॉ. डिसानिया का मोबाइल फोन खंगाला गया, जिसमें दो मनोरोग विशेषज्ञों से उपचार संबंधी दस्तावेज और पर्चियां मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि वे किन कारणों से तनाव में थे, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। डॉ. डिसानिया मार्च 2025 से फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। उन्हें शांत, विनम्र और मिलनसार चिकित्सक के रूप में जाना जाता था। सहयोगियों के अनुसार वे विभाग में नई फोरेंसिक लैब शुरू करने और मोर्चरी व्यवस्थाओं में सुधार के लिए लगातार काम कर रहे थे। उनके अचानक निधन से चिकित्सा जगत ने एक अनुभवी और समर्पित चिकित्सक को खो दिया है।
Comments
Post a Comment