KhatuShyamJi Real Estate Boom: रेलवे स्टेशन से बदलेगी खाटूश्यामजी की तस्वीर, जमीनों के दाम और कारोबार में आ सकता है बड़ा उछाल

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रेल मंत्री की घोषणा से बढ़ीं उम्मीदें, श्रद्धा की नगरी अब निवेशकों की पहली पसंद बनने की ओर खाटूश्यामजी। (रिपोर्ट- सुजल स्वामी) बाबा श्याम की नगरी अब केवल आस्था का सबसे बड़ा केंद्र नहीं, बल्कि राजस्थान का अगला रियल एस्टेट, पर्यटन और निवेश हब बनने की ओर तेजी से बढ़ रही है। वर्षों से जिस बदलाव की उम्मीद की जा रही थी, अब उसकी तस्वीर साफ दिखाई देने लगी है। रेलवे, मास्टर प्लान, पर्यटन परियोजनाओं और बढ़ते निवेश ने खाटूश्यामजी को विकास के नए दौर की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा बदलाव उस समय देखने को मिला, जब केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में खाटूश्यामजी से करीब 11 किलोमीटर दूर सुंदरपुरा गांव में "खाटूश्यामजी–सुंदरपुरा" रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा की। रेल मंत्री ने प्रस्तावित स्टेशन की तस्वीर भी साझा की, जिसके बाद पूरे इलाके में विकास को लेकर नई उम्मीदों का माहौल बन गया। स्टेशन की घोषणा ने बदल दिया पूरे इलाके का माहौल सुंदरपुरा गांव में रेलवे स्टेशन की घोषणा के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक पहचान केवल खाटूश्यामजी की थी, लेकिन स्...

SMS के चर्चित फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. एन.एल. डिसानिया का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन, अस्पताल में शोक की लहर

'आज खेलने नहीं आ पाऊंगा...' कुछ घंटों बाद आई मौत की खबर, मोबाइल में मिले मनोरोग विशेषज्ञों के इलाज से जुड़े दस्तावेज; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी

जयपुर। राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एसएमएस मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. एन.एल. डिसानिया के संदिग्ध परिस्थितियों में हुए निधन ने चिकित्सा जगत को स्तब्ध कर दिया है। मंगलवार तक सामान्य रूप से विभागीय कार्य करने वाले डॉ. डिसानिया के निधन की खबर बुधवार सुबह सामने आई, जिसके बाद पूरे अस्पताल परिसर में शोक की लहर दौड़ गई।

डॉ. एन. एल. डिसानीय


जानकारी के अनुसार डॉ. डिसानिया ने मंगलवार को विभाग का प्रभार वरिष्ठ प्रोफेसर को सौंपते हुए बुधवार को अवकाश पर रहने की बात कही थी। बुधवार सुबह उनके एक परिचित ने उन्हें बैडमिंटन खेलने के लिए फोन किया, जिस पर उन्होंने कहा कि बेटी को एयरपोर्ट छोड़ने जाना है, इसलिए वे खेलने नहीं आ पाएंगे। कुछ ही समय बाद उनके निधन की सूचना मिलने से उनके सहयोगी और मित्र स्तब्ध रह गए। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह उनकी बेटी बेंगलुरु के लिए रवाना हुई थी। घर से निकलते समय डॉ. डिसानिया ने उसे विदा भी किया था। बाद में घर में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें झोटवाड़ा स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पार्थिव शरीर को एसएमएस अस्पताल लाया गया, जहां नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया। इस मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान डॉ. डिसानिया का मोबाइल फोन खंगाला गया, जिसमें दो मनोरोग विशेषज्ञों से उपचार संबंधी दस्तावेज और पर्चियां मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि वे किन कारणों से तनाव में थे, इसकी जांच की जा रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। डॉ. डिसानिया मार्च 2025 से फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। उन्हें शांत, विनम्र और मिलनसार चिकित्सक के रूप में जाना जाता था। सहयोगियों के अनुसार वे विभाग में नई फोरेंसिक लैब शुरू करने और मोर्चरी व्यवस्थाओं में सुधार के लिए लगातार काम कर रहे थे। उनके अचानक निधन से चिकित्सा जगत ने एक अनुभवी और समर्पित चिकित्सक को खो दिया है।


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